आयकर

भारत में आयकर फाइलिंग की पूरी गाइड (FY 2025-26)

8 मिनट झा ब्रदर्स एंड एसोसिएट्स

आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना केवल कानूनी बाध्यता नहीं है — यह एक वित्तीय अनुशासन है जो आपको रिफंड प्राप्त करने, क्रेडिट हिस्ट्री बनाने और कानून का पालन करने में मदद करता है। चाहे आप वेतनभोगी कर्मचारी हों, फ्रीलांसर हों, या व्यवसाय के मालिक — यह गाइड वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR फाइलिंग की पूरी जानकारी देती है।

ITR कौन फाइल करे?

Income Tax Act, 1961 के तहत कुछ श्रेणियों के करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। भले ही आपकी आय कर योग्य सीमा से कम हो, ITR दाखिल करने के कई फायदे हैं जैसे तेज़ लोन अप्रूवल, वीज़ा प्रोसेसिंग, और TDS रिफंड क्लेम करना।

निम्न श्रेणियों में आने पर ITR दाखिल करना अनिवार्य है:

  • ₹2.5 लाख से अधिक सकल आय वाले व्यक्ति (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹3 लाख, अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹5 लाख)
  • वेतनभोगी कर्मचारी जिनके नियोक्ता ने TDS काटा है — रिफंड क्लेम के लिए फाइलिंग ज़रूरी है
  • फ्रीलांसर और स्व-रोज़गार पेशेवर जिनकी आय बेसिक छूट सीमा से अधिक है
  • व्यवसाय के मालिक — एकल स्वामित्व, पार्टनरशिप, LLP और कंपनियों को लाभ या हानि की परवाह किए बिना फाइल करना अनिवार्य
  • भारत में आय अर्जित करने वाले NRI — किराये की आय, NRO खाते पर ब्याज, या भारतीय निवेश से कैपिटल गेन्स
  • TDS रिफंड चाहने वाले व्यक्ति — अधिक TDS कटने पर ITR दाखिल करके ही रिफंड क्लेम किया जा सकता है
  • विदेशी संपत्ति या विदेशी आय रखने वाले व्यक्ति — कुल आय छूट सीमा से कम होने पर भी फाइलिंग अनिवार्य
  • बैंक खातों में ₹1 करोड़ से अधिक जमा करने वाले या वित्तीय वर्ष में ₹2 लाख से अधिक विदेश यात्रा पर खर्च करने वाले

प्रो टिप: भले ही आपकी आय छूट सीमा से कम हो, NIL रिटर्न दाखिल करने से लोन, क्रेडिट कार्ड और वीज़ा आवेदन के लिए वित्तीय विश्वसनीयता बनती है। बैंक अक्सर होम और बिजनेस लोन के लिए 2-3 साल की ITR मांगते हैं।

FY 2025-26 की महत्वपूर्ण तारीखें

ITR दाखिल करने की समय सीमा चूकने पर जुर्माना, अवैतनिक कर पर ब्याज, और कुछ कटौतियों का नुकसान हो सकता है। यहां ध्यान रखने योग्य प्रमुख तारीखें हैं:

श्रेणी अंतिम तारीख देरी पर जुर्माना
व्यक्ति और HUF (गैर-ऑडिट) 31 जुलाई 2026 ₹1,000 – ₹5,000
ऑडिट आवश्यक व्यवसाय 30 सितंबर 2026 ₹5,000 + ब्याज
ट्रांसफर प्राइसिंग मामले 30 नवंबर 2026 ₹5,000 + ब्याज
विलंबित रिटर्न 31 दिसंबर 2026 ₹1,000 – ₹5,000
संशोधित रिटर्न 31 दिसंबर 2026 कोई अतिरिक्त जुर्माना नहीं

महत्वपूर्ण: Section 234A के तहत, नियत तारीख से वास्तविक फाइलिंग तारीख तक अवैतनिक कर राशि पर 1% प्रति माह ब्याज लगता है। Section 234F के तहत, ₹5,000 (₹5 लाख से कम आय पर ₹1,000) की लेट फाइलिंग फीस लागू होती है।

नई व्यवस्था vs पुरानी व्यवस्था

ITR दाखिल करते समय सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था के बीच चुनाव करना है। FY 2023-24 से नई व्यवस्था डिफॉल्ट विकल्प है — अगर पुरानी व्यवस्था आपके लिए फायदेमंद है तो आपको सक्रिय रूप से इसे चुनना होगा।

मापदंड पुरानी व्यवस्था नई व्यवस्था
Standard Deduction ₹50,000 ₹75,000
Section 80C (PPF, ELSS आदि) ₹1.5 लाख तक उपलब्ध नहीं
Section 80D (स्वास्थ्य बीमा) ₹75,000 तक उपलब्ध नहीं
HRA छूट उपलब्ध उपलब्ध नहीं
होम लोन ब्याज (Sec 24b) ₹2 लाख तक उपलब्ध नहीं
टैक्स रिबेट (Sec 87A) ₹5 लाख आय तक ₹7 लाख आय तक
किसके लिए बेहतर भारी निवेशक, होम लोन धारक कम कटौतियों वाले वेतनभोगी

हमारी सलाह: अगर 80C, 80D, HRA और होम लोन ब्याज के तहत आपकी कुल कटौतियां ₹3.75 लाख से अधिक हैं, तो पुरानी व्यवस्था से अधिक टैक्स बचेगा। बाकी सभी के लिए, नई व्यवस्था कम स्लैब दरों और अधिक रिबेट सीमा के कारण आमतौर पर अधिक फायदेमंद है।

ITR फाइलिंग के लिए आवश्यक दस्तावेज़

ITR दाखिल करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज़ इकट्ठा कर लें। पहले से तैयारी करने पर प्रक्रिया सुचारू होती है और कोई आय स्रोत या कटौती छूटती नहीं।

सभी करदाताओं के लिए आवश्यक दस्तावेज़:

  • PAN Card — आपका प्राथमिक टैक्स पहचान नंबर; Aadhaar से लिंक होना अनिवार्य
  • Aadhaar Card — e-verification और PAN लिंकिंग के लिए अनिवार्य
  • Form 16 — नियोक्ता द्वारा जारी TDS प्रमाणपत्र जिसमें वेतन विवरण और कटा हुआ कर
  • Form 26AS / AIS — समग्र टैक्स स्टेटमेंट जिसमें सभी TDS, एडवांस टैक्स और वित्तीय लेनदेन
  • बैंक स्टेटमेंट — सभी बैंक खातों से अर्जित ब्याज (बचत + FD) दिखाने वाले
  • सैलरी स्लिप — HRA, विशेष भत्ते और अन्य छूट की पुष्टि के लिए

कटौतियां क्लेम करने के लिए:

  • Section 80C प्रमाण — PPF पासबुक, ELSS स्टेटमेंट, जीवन बीमा प्रीमियम रसीद, ट्यूशन फीस रसीद
  • Section 80D प्रमाण — स्वयं, पत्नी/पति, बच्चों और माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम रसीद
  • होम लोन प्रमाणपत्र — बैंक से ब्याज और मूलधन पुनर्भुगतान स्टेटमेंट
  • किराया रसीद / रेंटल एग्रीमेंट — HRA छूट के लिए (₹1 लाख से अधिक वार्षिक किराये पर)
  • दान रसीद — Section 80G कटौती के लिए
  • NPS योगदान स्टेटमेंट — Section 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त कटौती

कैपिटल गेन्स के लिए:

  • स्टॉक ट्रेडिंग स्टेटमेंट — ब्रोकर (Zerodha, Groww आदि) से P&L रिपोर्ट और कॉन्ट्रैक्ट नोट्स
  • म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट — CAMS/KFintech से कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट
  • प्रॉपर्टी खरीद/बिक्री दस्तावेज़ — सेल डीड, स्टांप ड्यूटी रसीद, रजिस्ट्रेशन शुल्क
  • क्रिप्टो/वर्चुअल डिजिटल एसेट स्टेटमेंट — Section 115BBH के तहत रिपोर्टिंग के लिए

चरण-दर-चरण ITR फाइलिंग प्रक्रिया

Income Tax e-filing पोर्टल पर ऑनलाइन ITR दाखिल करने की पूरी प्रक्रिया:

1

Income Tax पोर्टल पर लॉगिन करें

incometax.gov.in पर जाएं और अपने PAN से लॉगिन करें। पहली बार फाइल कर रहे हैं तो PAN और Aadhaar OTP से रजिस्टर करें। लॉगिन के बाद e-File → Income Tax Returns → File Income Tax Return पर जाएं।

2

सही ITR फॉर्म चुनें

सही फॉर्म चुनना बहुत ज़रूरी है — गलत फॉर्म से दोषपूर्ण रिटर्न नोटिस आएगा:

  • ITR-1 (सहज) — ₹50 लाख तक आय वाले वेतनभोगी, एक मकान, और अन्य स्रोत (ब्याज आदि)
  • ITR-2 — कैपिटल गेन्स, कई मकान, विदेशी आय, या ₹50 लाख से अधिक आय वाले
  • ITR-3 — बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम वाले व्यक्ति
  • ITR-4 (सुगम) — Section 44AD/44ADA/44AE के तहत प्रिज़म्प्टिव टैक्सेशन स्कीम
3

आय विवरण और कटौतियां भरें

पोर्टल Form 26AS और AIS से कई विवरण पहले से भर देता है। प्री-फिल्ड जानकारी — विशेषकर वेतन विवरण, TDS राशि, और बैंक ब्याज — सावधानी से सत्यापित करें। छूटे हुए आय स्रोत जोड़ें। Section 80C, 80D, 80G और अन्य लागू अनुभागों में कटौतियां दर्ज करें। पोर्टल स्वचालित रूप से चुनी गई व्यवस्था में टैक्स देनदारी गणना करेगा।

4

शेष कर का भुगतान करें

अगर TDS और एडवांस टैक्स के बाद भी कर बकाया दिख रहा है, तो सबमिट करने से पहले e-Pay Tax सुविधा से भुगतान करें। नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, UPI या NEFT/RTGS से भुगतान किया जा सकता है। चालान रसीद (BSR कोड और चालान नंबर) संभालकर रखें।

5

वेरिफाई करें और सबमिट करें

सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर ITR वेरिफाई करना अनिवार्य है — अन्यथा इसे दाखिल नहीं माना जाएगा। सबसे आसान तरीका Aadhaar OTP e-verification है (तुरंत)। अन्य विकल्पों में नेट बैंकिंग, DSC या CPC बेंगलुरु को हस्ताक्षरित ITR-V भेजना शामिल है। सफल वेरिफिकेशन के बाद ईमेल पर पावती (ITR-V) प्राप्त होगी।

आम गलतियों से बचें

अनुभवी करदाता भी ये गलतियां करते हैं। इनसे बचने पर नोटिस, जुर्माना और अनावश्यक तनाव से बचा जा सकता है:

फाइलिंग के बाद ITR वेरिफाई न करना — सबसे बड़ी गलती। 30 दिनों में वेरिफाई न करने पर रिटर्न अमान्य हो जाता है। हर साल हज़ारों रिटर्न इसी कारण रद्द होते हैं।

गलत ITR फॉर्म चुनना — कैपिटल गेन्स होने पर ITR-1 दाखिल करना या प्रिज़म्प्टिव टैक्सेशन के योग्य न होने पर ITR-4 भरना दोषपूर्ण रिटर्न नोटिस का कारण बनता है।

सभी आय स्रोत न बताना — बचत खाते का ब्याज, FD, म्यूचुअल फंड डिविडेंड, फ्रीलांस आय और किराये की आय सभी रिपोर्ट करनी ज़रूरी है। IT विभाग के पास बैंकों और ब्रोकरों से डेटा है — मिसमैच पर ऑटोमैटिक नोटिस आता है।

स्टॉक/म्यूचुअल फंड से कैपिटल गेन्स न बताना — ₹1.25 लाख से कम LTCG (छूट प्राप्त) भी रिपोर्ट करना ज़रूरी है। शॉर्ट-टर्म गेन्स, F&O ट्रेडिंग प्रॉफिट, और क्रिप्टो गेन्स अक्सर छूटते हैं।

Form 26AS और AIS का मिलान न करना — दोनों स्टेटमेंट अच्छी तरह जांचें। TDS मिसमैच होने पर फाइलिंग से पहले अपने डिडक्टर से संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FY 2025-26 के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तारीख क्या है?

व्यक्तिगत करदाताओं (गैर-ऑडिट) के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 है। ऑडिट आवश्यक व्यवसायों के लिए 30 सितंबर 2026 है। विलंबित रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक ₹5,000 तक के लेट फीस के साथ दाखिल की जा सकती है।

FY 2025-26 के लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था बेहतर है या नई?

नई व्यवस्था में कम स्लैब दरें और ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन है लेकिन 80C, 80D और HRA जैसी कटौतियां उपलब्ध नहीं हैं। अगर आपकी कुल कटौतियां ₹3-4 लाख से अधिक हैं तो पुरानी व्यवस्था बेहतर है। दोनों में अपनी टैक्स देनदारी की तुलना करें।

क्या मैं खुद ITR फाइल कर सकता हूं या CA की ज़रूरत है?

सरल आय वाले वेतनभोगी व्यक्ति Income Tax पोर्टल पर स्वयं ITR-1 दाखिल कर सकते हैं। लेकिन अगर आपके पास कैपिटल गेन्स, बिजनेस इनकम, विदेशी आय, या कई आय स्रोत हैं, तो CA की मदद से सटीकता और अधिकतम टैक्स बचत सुनिश्चित होती है। पेशेवर फाइलिंग ₹1,499 से शुरू होती है।

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